यूपी बेसिक स्कूलों में समय विवाद: RTE नियमों का उल्लंघन और बच्चों के स्वास्थ्य पर संकट

 

UP बेसिक स्कूल टाइमिंग पर विवाद: RTE नियमों के खिलाफ गर्मियों में 6 घंटे संचालन पर उठी मांग


उत्तर प्रदेश में बेसिक स्कूलों के संचालन समय पर विवाद गहरा गया है। RTE (निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार) एक्ट के अनुसार, परिषदीय विद्यालयों का संचालन समय सर्दियों में 6 घंटे और गर्मियों में 5 घंटे होना चाहिए। लेकिन पिछले 3-4 सालों से विद्यालय गर्मियों में भी 6 घंटे खुल रहे हैं, जो RTE एक्ट का उल्लंघन है।

*समस्या की जड़*

2015 तक, ग्रीष्म कालीन में संचालन समय प्रातः 07 बजे से दोपहर 12 बजे तक हुआ करता था। 2016 में इसे बदलकर प्रातः 08 बजे से अपरान्ह 01 बजे तक कर दिया गया। 2022 में, सचिव महोदय ने ग्रीष्मकालीन विद्यालयों का संचालन समय 1 घंटे अतिरिक्त बढ़ाकर अपरान्ह 02 बजे तक कर दिया, जो अभी तक चल रहा है।

*RTE एक्ट का उल्लंघन*

RTE एक्ट में स्पष्ट उल्लिखित है कि परिषदीय विद्यालयों का संचालन समय सर्दियों में 6 घंटे और गर्मियों में 5 घंटे रहेगा। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने RTE एक्ट का उल्लंघन कर गर्मियों में बेसिक के स्कूल 6 घंटे खुलवाए जा रहे हैं।

*नौनिहाल बच्चों के स्वास्थ्य की परवाह*

यह मुद्दा नौनिहाल बच्चों के स्वास्थ्य की परवाह से जुड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण स्थिति को देखते हुए, भयंकर लूँ व गर्मी में बचाव के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। ऐसे में, RTE एक्ट का उल्लंघन कर गर्मियों में बेसिक के स्कूल 6 घंटे खुलवाना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

*उत्तर प्रदेश सरकार से मांग*

उत्तर प्रदेश सरकार से मांग है कि वह तत्काल ऐसे आदेशों को निरस्त करे जो RTE एक्ट का उल्लंघन कर रहे हैं। सरकार को नौनिहाल बच्चों के स्वास्थ्य की परवाह करनी चाहिए और RTE एक्ट के अनुसार विद्यालयों का संचालन समय सुनिश्चित करना चाहिए।

*निष्कर्ष*

UP बेसिक स्कूल टाइमिंग पर विवाद एक गंभीर मुद्दा है। RTE एक्ट का उल्लंघन कर गर्मियों में बेसिक के स्कूल 6 घंटे खुलवाना नौनिहाल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल ऐसे आदेशों को निरस्त करना चाहिए और RTE एक्ट के अनुसार विद्यालयों का संचालन समय सुनिश्चित करना चाहिए।

Comments

Popular posts from this blog

उत्तर प्रदेश में 31 मामलों में सीधे FIR पर रोक: हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद डीजीपी का नया निर्देश

जनहित याचिका के दुरुपयोग पर हाई कोर्ट सख्त: तथ्य छिपाने पर 20 हजार का जुर्माना” ⚖️